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Balaji Mart — The Building Material Mall, Bikapur, Ayodhya
Morang, Balu और Gitti

Morang, Balu और Gitti — फ़र्क़, इस्तेमाल और quality की जाँच

कंक्रीट, चिनाई और प्लास्टर — तीनों की मज़बूती रेत और Gitti की quality पर टिकी है। Morang, Balu और Gitti रोज़ की बोलचाल के नाम हैं, और अलग-अलग जगह इनका मतलब थोड़ा बदल जाता है। इस गाइड में वही मतलब लिया गया है जो Ayodhya-Bikapur की साइटों पर आम तौर पर बोला जाता है, और बताया गया है कि मँगवाते वक़्त क्या देखें।

आख़िरी बदलाव: · 6 मिनट में पढ़ें · Balaji Mart Team

Concrete storage bay में रखा Morang रेत का ढेर

तीनों में फ़र्क़ क्या है

सीधी भाषा में:

  • Morang — मोटी, लाल-भूरी रेत। इसके दाने बड़े होते हैं, इसलिए कंक्रीट और चिनाई में ज़्यादा इस्तेमाल होती है।
  • Balu — महीन रेत। दाने छोटे और चिकने, इसलिए प्लास्टर और finishing के काम में पसंद की जाती है।
  • Gitti — पत्थर तोड़कर बनी Gitti (crushed stone)। यह कंक्रीट का मोटा हिस्सा है जो ताक़त देता है।

कौन-सा काम किस सामान से और किस मिलावट में होगा, यह आपका इंजीनियर या मिस्त्री तय करता है। नीचे की बातें आपको सही सामान पहचानने में मदद करेंगी। Yard में रखे सामान के बारे में Morang और Gitti वाले पेज पर पढ़ें।

कौन-सा सामान कहाँ लगता है

आम तौर पर:

  • कंक्रीट (footing, Column, Beam, छत) — Cement, Morang और Gitti।
  • चिनाई (ईंट की दीवार) — Cement और Morang या Balu का मसाला।
  • प्लास्टर — Cement और महीन Balu, ताकि सतह चिकनी आए।
  • PCC और फ़र्श के नीचे — Cement, रेत और Gitti का हल्का मिक्स।

प्लास्टर में बहुत मोटी रेत चलाने पर सतह खुरदरी आती है, और कंक्रीट में बहुत महीन रेत ज़्यादा पानी और Cement माँगती है। इसलिए काम के हिसाब से सामान अलग रखना ज़रूरी है।

Gitti का size

Gitti अलग-अलग size में आती है — बोलचाल में 10 mm, 20 mm और 40 mm जैसे नाम चलते हैं। आम तौर पर छोटी Gitti पतले हिस्सों में, 20 mm वाली ज़्यादातर RCC में, और बड़ी Gitti नीचे की भराई (PCC) में इस्तेमाल होती है — लेकिन आख़िरी size drawing और इंजीनियर बताते हैं।

Gitti के दाने चौकोर (cubical) और खुरदरे हों तो Cement के साथ अच्छी पकड़ बनती है। बहुत पतली-चपटी (flaky) या लंबी Gitti कंक्रीट को कमज़ोर करती है।

रेत में मिट्टी की आसान जाँच

रेत में मिट्टी या धूल (silt) ज़्यादा हो तो Cement ठीक से नहीं पकड़ता और प्लास्टर में दरार आती है। साइट पर इसका आसान अंदाज़ा लिया जा सकता है:

बोतल वाली जाँच:

  • एक साफ़ काँच की बोतल या गिलास में थोड़ी रेत डालें।
  • ऊपर तक साफ़ पानी भरकर अच्छी तरह हिलाएँ।
  • कुछ घंटे शांत रख दें।
  • रेत नीचे बैठ जाती है और मिट्टी उसके ऊपर एक अलग परत बनाती है।

मिट्टी की परत मोटी दिखे तो उस रेत के बारे में मिस्त्री या इंजीनियर से बात करें। यह लैब टेस्ट की जगह नहीं लेता, लेकिन ख़राब माल पकड़ने के लिए काफ़ी है।

Quality की और निशानियाँ

सामान देखते समय:

  • रेत मुट्ठी में दबाकर छोड़िए — हाथ पर मिट्टी का दाग़ ज़्यादा रहे तो silt ज़्यादा है।
  • रेत में घास, जड़, लकड़ी या कचरा न हो।
  • Gitti पर धूल की मोटी परत न हो; ज़रूरत हो तो इस्तेमाल से पहले धुलवा लें।
  • Gitti के दाने एक जैसे हों, पत्थर का चूरा बहुत ज़्यादा न हो।
  • सामान का रंग एक जैसा हो — बीच में अलग रंग की मिट्टी की तहें न हों।

नाप और डिलीवरी

Morang, Balu और Gitti आम तौर पर ट्रॉली या ट्रक के हिसाब से, घन फ़ुट (CFT) में नापे जाते हैं। डिलीवरी के समय ट्रॉली की अंदर की लंबाई, चौड़ाई और सामान की ऊँचाई नापकर गुणा करने से मात्रा का अंदाज़ा मिल जाता है।

सामान उतरवाने की जगह पहले से साफ़ और समतल रखें, और Morang, Balu और Gitti के अलग-अलग ढेर लगवाएँ। एक-दूसरे में या मिट्टी में मिल गया सामान काम का नहीं रहता।

साइट पर सँभाल

सामान को काम लायक रखने के लिए:

  • ढेर के नीचे पक्की या साफ़ ज़मीन हो, ताकि मिट्टी न मिले।
  • बरसात में रेत बह न जाए, इसके लिए किनारे बाँध दें या ढक दें।
  • Balu जैसी महीन रेत को हवा से उड़ने से बचाएँ।
  • जितना अगले कुछ दिन में लगना हो उतना ही मँगवाएँ — खुले में पड़ा सामान धीरे-धीरे ख़राब होता है।

PCC और RCC में इनका इस्तेमाल

PCC यानी बिना Saria वाली कंक्रीट, जो नींव के नीचे समतल परत या फ़र्श के नीचे base बनाने में लगती है। इसमें Cement, रेत और Gitti का मसाला डाला जाता है। RCC में यही मसाला Saria के ढाँचे के साथ पड़ता है — Column, Beam, छत और नींव इसी से बनते हैं।

चिनाई में Cement के साथ Morang या Balu का मसाला लगता है, और प्लास्टर में महीन Balu। यानी एक ही घर में तीनों सामान अलग-अलग जगह, अलग-अलग अनुपात में लगते हैं। अनुपात और मात्रा आपके इंजीनियर या मिस्त्री की सलाह से ही तय कीजिए।

Price किन कारणों से बदलती है

Morang, Balu और Gitti की दर तय नहीं रहती। इस पर ढुलाई की दूरी, गाड़ी का किराया, डीज़ल की दर, मौसम, नदी और खदान से आपूर्ति, और निर्माण के सीज़न में माँग — सबका असर पड़ता है। बारिश के दिनों में ढुलाई मुश्किल होने से भी फ़र्क़ आता है।

इसीलिए यहाँ कोई तय दर नहीं लिखी गई। आज की उपलब्धता और दर जानने के लिए 9554 9553 50 पर कॉल कीजिए, या Contact पेज से WhatsApp कीजिए।

मँगवाने से पहले की checklist

ऑर्डर पक्का करने से पहले इतना पूछ और देख लीजिए:

  • किस काम के लिए चाहिए — चिनाई, प्लास्टर, PCC या RCC
  • Gitti का कौन-सा size चाहिए, यह मिस्त्री या इंजीनियर से पूछ लीजिए
  • रेत में मिट्टी की जाँच ख़ुद कर लीजिए, ढेर देखकर लीजिए
  • गाड़ी का नाप और मात्रा पहले से तय कीजिए
  • साइट तक गाड़ी पहुँचने का रास्ता और उतारने की जगह देख लीजिए
  • पक्का बिल लीजिए

इसी काम के लिए Cement भी चाहिए होगा, और पूरे ढाँचे का सामान एक साथ देखना हो तो Building Materials पेज देखिए। उपलब्ध range की जानकारी के लिए showroom से संपर्क करें।

Balaji Mart से मँगवाइए

Balaji Mart पर Morang, Balu और Gitti मिलते हैं। Morang, Balu और Gitti का पेज देखिए, या काम और मात्रा बताकर 9554 9553 50 पर कॉल करें।

कंक्रीट के लिए Cement और Saria भी चाहिए तो Cement और Saria गाइड काम आएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Morang, Balu और Gitti की price क्यों बदलती रहती है?

इनकी दर ढुलाई की दूरी, गाड़ी के किराए, डीज़ल, मौसम और सीज़न की माँग से बदलती है। इसीलिए कोई तय दर लिखना ठीक नहीं होता। आज की उपलब्धता और दर के लिए Balaji Mart, Bikapur को 9554 9553 50 पर कॉल कीजिए।

PCC और RCC में क्या फ़र्क़ है?

PCC बिना Saria वाली कंक्रीट होती है, जो नींव के नीचे या फ़र्श के नीचे समतल base बनाने में लगती है। RCC में वही कंक्रीट Saria के ढाँचे के साथ डाली जाती है, जैसे Column, Beam और छत में। अनुपात और मात्रा इंजीनियर की सलाह से तय कीजिए।

Morang और Balu में क्या फ़र्क़ है?

Morang मोटी, लाल-भूरी रेत है जो कंक्रीट और चिनाई में ज़्यादा लगती है। Balu महीन रेत है जो प्लास्टर और finishing के लिए पसंद की जाती है। काम के हिसाब से सही रेत चुनना ज़रूरी है।

RCC के लिए कौन-सी Gitti चाहिए?

आम तौर पर घर के RCC काम में 20 mm वाली Gitti चलती है, लेकिन आख़िरी size आपकी drawing और इंजीनियर तय करते हैं। Gitti साफ़, चौकोर दाने वाली और धूल रहित होनी चाहिए।

रेत में मिट्टी कैसे चेक करें?

बोतल में रेत और पानी डालकर हिलाइए और कुछ घंटे रख दीजिए। रेत नीचे बैठेगी और मिट्टी ऊपर अलग परत बनाएगी। परत मोटी हो तो उस रेत के बारे में मिस्त्री से बात करें।

Morang और Gitti किस नाप में मिलते हैं?

आम तौर पर ट्रॉली या ट्रक के हिसाब से, घन फ़ुट (CFT) में। ट्रॉली की अंदर की लंबाई, चौड़ाई और सामान की ऊँचाई गुणा करके मात्रा का अंदाज़ा लगा सकते हैं।

Showroom पर आकर सामान देखिए

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सोमवार से रविवार, सुबह 9 से रात 8 बजे तक

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इस गाइड के बारे में

लेखक: Balaji Mart Team · पहली बार प्रकाशित: · आख़िरी बदलाव:

यह जानकारी आम मार्गदर्शन के लिए है। उपलब्ध range और आपके काम के लिए सही विकल्प जानने के लिए showroom से संपर्क करें।

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