Bikapur, Ayodhya में Morang और Balu
रेत घर के हर गीले काम में लगती है — नींव की कंक्रीट से लेकर आख़िरी प्लास्टर तक। मोटी लाल-भूरी रेत को यहाँ Morang कहते हैं और महीन रेत को Balu। दोनों एक ही चीज़ नहीं हैं और एक-दूसरे की जगह नहीं चलतीं। Balaji Mart के Bikapur yard में दोनों अलग-अलग bay में रखी रहती हैं, इसलिए ढेर देखकर लिया जा सकता है।
Morang और Balu में फ़र्क़ क्या है
फ़र्क़ दाने के मोटापे का है। Morang के दाने मोटे होते हैं और हाथ में लेने पर किरकिरे लगते हैं; यही मोटापन कंक्रीट और चिनाई के मसाले को पकड़ देता है। Balu के दाने महीन होते हैं, इसलिए वो प्लास्टर में जाती है, जहाँ सतह चिकनी चाहिए।
अगर प्लास्टर में मोटी रेत डाल दी जाए तो सतह खुरदरी रह जाती है और दाने उभरे दिखते हैं। उल्टा, अगर कंक्रीट में सिर्फ़ महीन रेत जाए तो मसाला उतनी पकड़ नहीं बना पाता। किस काम में कौन-सी रेत और किस अनुपात में, यह आपका मिस्त्री या इंजीनियर तय करेगा।
कौन-सी रेत किस काम में
- Morang — कंक्रीटPCC और RCC के मसाले में, Cement और Gitti के साथ।
- Morang — चिनाईईंट की दीवार के मसाले में।
- Balu — प्लास्टरदीवार की finishing में, जहाँ सतह चिकनी चाहिए।
- Balu — फ़र्श का baseTiles लगने से पहले की परत में।
- भराई का कामनींव और फ़र्श के नीचे भराई में, ज़रूरत के हिसाब से।
Morang और Balu गैलरी
Concrete bay में रखी रेत, साथ में Gitti का ढेर और yard का वो हिस्सा जहाँ कंक्रीट का सामान रहता है। किसी भी फ़ोटो पर टैप करके उसे बड़ा देखें।



रेत में मिट्टी है या नहीं, ख़ुद जाँचिए
रेत में सबसे आम गड़बड़ मिट्टी की मिलावट है। मिट्टी वाली रेत का मसाला Cement की पकड़ कम कर देता है, और असर तुरंत नहीं दिखता — प्लास्टर कुछ महीनों बाद उखड़ने लगता है। अच्छी बात यह है कि जाँच के लिए किसी lab की ज़रूरत नहीं, एक काँच की बोतल काफ़ी है।
एक साफ़ बोतल में थोड़ी रेत डालिए, ऊपर तक पानी भरिए, मुँह बंद करके अच्छे से हिलाइए और फिर बीस-पच्चीस मिनट टिकने दीजिए। रेत नीचे बैठ जाएगी और मिट्टी उसके ऊपर अलग परत बनाकर जमेगी। परत जितनी मोटी, मिट्टी उतनी ज़्यादा। कितनी मिट्टी आपके काम के लिए चलेगी, यह अपने इंजीनियर या मिस्त्री से पूछ लीजिए।
ढेर देखते समय इतना भी देख लीजिए:
- मुट्ठी में दबाकर छोड़िए — बहुत ज़्यादा चिपके तो मिट्टी है
- हाथ पर गीली मिट्टी की परत न छूटे
- रंग एक जैसा हो, जगह-जगह अलग नहीं
- पत्ते, जड़ें, कंकड़ और कचरा न मिला हो
- बहुत गीली रेत में नाप का फ़र्क़ आता है
नाप, गाड़ी और डिलीवरी
रेत गाड़ी के हिसाब से आती है, बोरी के हिसाब से नहीं। इसलिए ऑर्डर देने से पहले दो बातें देख लीजिए: साइट तक गाड़ी पहुँचने का रास्ता, और उतारने की जगह। तंग गली या कच्चे रास्ते में बड़ी गाड़ी नहीं जाती, और फिर दोबारा ढुलाई का ख़र्च अलग से पड़ता है।
उतारने की जगह ऐसी चुनिए जहाँ से मिस्त्री को बार-बार दूर न जाना पड़े, और जो रास्ते में न हो। रेत की दर तय नहीं रहती — उस पर ढुलाई की दूरी, गाड़ी का किराया, डीज़ल, मौसम और सीज़न की माँग, सबका असर पड़ता है। इसीलिए यहाँ कोई दर नहीं लिखी गई।
साइट पर रेत कैसे रखें
रेत का ढेर खुले में पड़ा रहे तो दो चीज़ें होती हैं: बारिश उसे बहा ले जाती है, और आसपास की मिट्टी उसमें मिल जाती है। दोनों से बचने का तरीक़ा एक ही है — ढेर को एक तय जगह पर रखिए, नीचे साफ़ सतह या ईंटों की परत हो, और चारों तरफ़ ईंट या तख़्ते से घेर दीजिए।
Morang और Balu के ढेर अलग-अलग रखिए। एक बार दोनों मिल गए तो अलग नहीं हो सकते, और फिर न प्लास्टर ठीक बनता है न कंक्रीट। बारिश के दिनों में ऊपर से ढक देना ठीक रहता है, क्योंकि बहुत गीली रेत से मसाले में पानी का हिसाब बिगड़ता है।
ग्राहक Balaji Mart क्यों चुनते हैं
ADG Balaji Group की विरासत
40+ साल की Group विरासत के साथ Bikapur का yard।
कंक्रीट का पूरा सामान
Morang, Balu, Gitti, Cement और Saria एक ही जगह।
ढेर देखकर लीजिए
रंग, दाना और सफ़ाई ख़ुद देखकर तय कीजिए।
काम के हिसाब से
किस काम के लिए चाहिए, बता दीजिए — उसी हिसाब से निकालेंगे।
मँगवाने से पहले
सबसे पहले यह बताइए कि रेत किस काम के लिए चाहिए — चिनाई, प्लास्टर, PCC या RCC। काम के हिसाब से Morang और Balu में से कौन-सी चाहिए, यह वहीं तय हो जाता है। मात्रा आपके मिस्त्री या इंजीनियर के नाप से निकलती है।
गाड़ी का नाप, साइट तक का रास्ता और उतारने की जगह पहले से तय कर लीजिए, और पक्का बिल लीजिए। बारिश के मौसम में ढुलाई मुश्किल होती है, इसलिए उन दिनों थोड़ा पहले से बात कर लेना बेहतर रहता है।
इसी काम के लिए Gitti और Cement भी चाहिए होंगे; तीनों एक साथ देखने के लिए Morang, Balu और Gitti पेज देखिए। आज की उपलब्धता के लिए 9554 9553 50 पर पूछ लीजिए।
इनसे जुड़े पेज
Balaji Mart का एक ही showroom है, Bikapur के Dhandhe Baba Chauraha पर — आसपास के गाँवों से ग्राहक Morang के लिए यहीं आते हैं। देखिए हमारी सेवा के क्षेत्र।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Morang और Balu में क्या फ़र्क़ है?
Morang के दाने मोटे होते हैं और वो कंक्रीट तथा चिनाई के मसाले में लगती है। Balu के दाने महीन होते हैं और वो प्लास्टर तथा finishing में लगती है। दोनों एक-दूसरे की जगह नहीं चलतीं।
रेत में मिट्टी है, यह कैसे पता करें?
एक साफ़ बोतल में रेत डालकर ऊपर तक पानी भरिए, हिलाइए और बीस-पच्चीस मिनट टिकने दीजिए। रेत नीचे बैठ जाएगी और मिट्टी ऊपर अलग परत बनाएगी। परत जितनी मोटी, मिट्टी उतनी ज़्यादा।
रेत की price क्यों बदलती रहती है?
उस पर ढुलाई की दूरी, गाड़ी का किराया, डीज़ल की दर, मौसम और सीज़न की माँग का असर पड़ता है। इसीलिए यहाँ कोई तय दर नहीं लिखी गई — आज की दर के लिए showroom पर पूछ लीजिए।
Showroom कहाँ है और कब खुला रहता है?
Balaji Mart Dhandhe Baba Chauraha, NH-330, Faizabad - Sultanpur Rd, Sherpur Para, Bikapur, Hirdayi Pur, Uttar Pradesh 224206 पर है और सोमवार से रविवार, सुबह 9 से रात 8 बजे तक खुला रहता है।
आइए, कॉल करें या मैसेज भेजिए
- 9554 9553 50
- Dhandhe Baba Chauraha, NH-330, Faizabad - Sultanpur Rd, Sherpur Para, Bikapur, Hirdayi Pur, Uttar Pradesh 224206
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